- बिहार के राज्य मंत्री रत्नेश कुमार पहुंचे महाकाल मंदिर: विधि-विधान से किए दर्शन-पूजन, मंदिर समिति ने किया सम्मान
- महाकाल मंदिर पहुंचे अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज: देश-दुनिया में शांति के लिए की प्रार्थना, श्रद्धालुओं से की मुलाकात
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र को स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में सजे बाबा!
- आज 12-12 घंटे का दिन-रात: उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में वसंत संपात देखने पहुंचे छात्र-खगोलप्रेमी, आज से दिन होंगे लंबे
- 30 रोजों के बाद मनाई गई ईद: इंदिरा नगर ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, नमाज के बाद गले मिलकर बांटी खुशियां; पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
योग महोत्सव में 1000 नागरिकों ने निरोग रहने के लिए किया योग, भारत माता मंदिर में कार्यक्रम हुआ आयोजित
सार
विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 के लिए 12 दिन शेष बचे हैं, इसी उपलक्ष्य में आज योग से वैज्ञानिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक पुनर्जागरण के संकल्प के साथ “योग महोत्सव” कार्यक्रम का उज्जैन में आरंभ हुआ।
भारत माता मंदिर में आयोजित इस आयोजन में 1 हजार से ज्यादा योग साधकों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का पालन करते हुए योग किया। उज्जैन योग लाइफ सोसाइटी एवं आरोग्य योग संकल्प केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उज्जैन के नागरिकों ने बढ़चढ़ के हिस्सेदारी की। योग प्रोटोकॉल का अभ्यास डॉ लतिका व्यास ने स्वरदा मिश्रा व रुचिका हरभजनका के सहयोग से करवाया। जिसमें नगर और प्रदेश से अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति और संबोधन से योग महोत्सव आयोजन को गरिमा प्रदान किया।
इन्होंने किया कार्यक्रम को संबोधित
अभ्यास सत्र की अतिथि उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती यादव ने कहा कि “भारत की योग विद्या, विश्व समुदाय को हमारी अमूल्य सौगात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष विश्व के अधिकांश देशों में उत्साह के साथ योग दिवस मनाया जाता है। अपने संकल्प में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यह स्पष्ट किया था कि योग पद्धति स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है और पूरे विश्व समुदाय के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।” महामंडलेश्वर अवधेशपुरी महाराज ने कहा कि स्वास्तिक के ऊपर दीपक रखकर ध्यान योग करने से आध्यात्मिक चेतना विकसित होगी। विश्व मे योग के माध्यम से भारत पुनः विश्व गुरु का वैभव प्राप्त कर रहा है। दोनों अतिथियों का स्वागत महोत्सव के संयोजक डॉ मिलिंद्र त्रिपाठी ने किया।